मेरे माता-पिता...



मेरे माता-पिता...

अत्यंत धार्मिक और श्रद्धालु लोग। ऐसे सरल लेकिन महान आत्माओं के घर जन्म लेना मेरा सौभाग्य है। जब मैंने अपने पिता के प्रति अपने प्रेम को महसूस करना और उसे व्यक्त करना शुरू ही किया था, तभी वे अप्रत्याशित रूप से हमें छोड़कर चले गए। जब तक वे साथ थे, मैंने कभी जिम्मेदारियों के बारे में सोचा ही नहीं था। मुझमें जो भी गुण हैं और आज मैं जो कुछ भी हूँ, मैं विनम्रतापूर्वक उसका श्रेय इसी दंपति को देता हूँ। उनके प्रति मेरी कृतज्ञता को शब्दों में पिरोया नहीं जा सकता। माता-पिता के रूप में उनकी सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने हम पर कभी यह नहीं थोपा कि हमें क्या बनना चाहिए या बच्चों के रूप में हमें क्या करना चाहिए। उन्होंने बस हमारे लिए एक ऐसा वातावरण बनाया जिसमें हम अपनी क्षमताओं के अनुसार स्वाभाविक रूप से विकसित हो सकें। साष्टांग प्रणाम...

Comments

Popular posts from this blog

The musical journey....

Nandu - my wonder child!

Wedding story.....